सीएलएमवी क्षेत्र में निवेश अवसर


 

सीएलएमवी देशों में भारत के लिए निवेश के अवसर

  • ‘लुक ईस्ट – एक्ट ईस्ट’

    भारत सरकार की नीति

    • वित्तीय वर्ष 2015-16 का बजट पेश करते हुए माननीय वित्त मंत्री ने कहा थाः

      भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का उद्देश्य दक्षिण-पूर्वी एशिया में व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने का प्रयास करना है। इस भू-भाग में भारतीय निजी निवेश को गति देने के लिए एक परियोजना विकास कंपनी (पीडीसी) की स्थापना की जाएगी, जो अलग स्पेशल पर्पज़ व्हीकल्स के जरिए सीएलएमवी देशों यानी कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम में विनिर्माण हब स्थापित करने में मदद करेगी।

  • सीएलएमवी पर एक्ज़िम बैंक का अध्ययन

    • भारत सरकार के साथ सहभागिता

      सीएलएमवी देशों में भारतीय निवेश को सुगम बनाने और भारतीय विनिर्माण के विस्तार के लिए एक्ज़िम बैंक भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।

      • 5 अधिकारियों की टीम वाले एक एक्ज़िम बैंक मिशन ने 19 जनवरी से 12 फरवरी, 2015 के दौरान सीएलएमवी देशों की यात्रा की थी
      • मिशन का उद्देश्य सीएलएमवी क्षेत्र में वृद्धि की संभावना वाले क्षेत्रों में भारतीय निवेश के लिए अवसरों का पता लगाना था
      • मिशन ने सीएलएमवी क्षेत्र में मुख्य भूमिका निभाने वाले भारतीय दूतावास/ मंत्रालयों/ व्यापार संवर्द्धन संस्थाओं, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स आदि के साथ व्यापक चर्चा की
      • अध्ययन के परिणाम एवं निष्कर्ष वाणिज्य सचिव और दूसरे मंत्रालयों के अधिकारियों को प्रस्तुत किए गए

      भारत सरकार के वाणिज्य विभाग ने ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के अनुरूप सीएलएमवी क्षेत्र में भारतीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक्ज़िम बैंक के प्रबंधन में एक परियोजना विकास निधि (पीडीएफ) बनाने की संकल्पना की थी। इसके लिए वाणिज्य विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि आवंटित कर दी गई है। यह निधि कुल 500 करोड़ रुपए की होगी।

    • परियोजना विकास निधि के काम

      • सीएलएमवी देशों में विभिन्न क्षेत्रों का विस्तृत ब्यौरा तैयार करना, निवेश केंद्रों और उचित परियोजनाओं की पहचान करना
      • चुनिंदा परियोजनाओं के लिए पूर्व व्यहार्यता रिपोर्ट व विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करना
      • विशेष निधि (एसपीवी) की स्थापना करना, विभिन्न अनुमोदन प्राप्त करना और परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था करना
      • चिह्नित परियोजनाओं में निवेशकों के लिए रोड-शो आयोजित करना
      • सीएलएमवी क्षेत्र में निवेश की इच्छुक भारतीय कंपनियों को सलाहकारी सेवाएं प्रदान करना

      परियोजना विकास कंपनी (पीडीएफ) सीएलएमवी क्षेत्र में संभाव्य परियोजनाओं की पहचान करेगी। साथ ही भारतीय व्यापार और निवेश को सुगम बनाने के मुख्य उद्देश्य के साथ भारत सरकार के फंडिंग सहयोग से एसपीवी के जरिए उन परियोजनाओं की स्थापना में मदद करेगी.

  • सीएलएमवी क्यों?

    निवेश के लिए आकर्षक जगह

    • सीएलएमवीः क्षेत्र में सबसे तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्थाएं
    • प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न और सस्ता श्रम
    • आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस) क्षेत्र का अनिवार्य हिस्सा, जो 32 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र में फैला है और 2013 में सकल घरेलू उत्पाद का 10.5 फीसदी इसी क्षेत्र से आया था
    • सीएलएमवी देशों के साथ व्यापार सहयोग भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आसियान के दूसरी मजबूत एशियाई अर्थव्यवस्था वाले चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से आर्थिक साझेदारी है
    देश आबादी (मिलियन में) जीडीपी (यूएस बिलियन डॉलर में) जीडीपी विकास दर (% में) निर्यात (यूएस बिलियन डॉलर में) आयात (यूएस बिलियन डॉलर में) एफडीआई (यूएस बिलियन डॉलर में) जीडीपी प्रति व्यक्ति (यूएस बिलियन डॉलर में) व्यापार/ जीडीपी अनुपात (% में)
    2013 2013 2008 2013 2013 2013 2013 2013 In percent
    कंबोडिया 15.4 15.7 6.7 7.0 10.2 11.7 1.4 1016.4 139.8
    लाओ पीडीआर 6.8 10 7.8 8.2 3.1 6.2 0.3 1476.9 93.0
    म्यांमार 64.9 56.4 3.6 7.5 10.5 18.4 2.6 868.7 65.1
    वियतनाम 89.7 170.6 5.7 5.4 138.1 143.9 8.9 1901.7 165.3
    सीएलएमवी 176.8 252.6 5.9 7.0 161.9 180.1 13.2 1428.9 138.5
    आसियान-10 में हिस्सा 28.2 10.5 - - 12.7 14.2 10.5 - -
  • सीएलएमवी देशों में भारत के लिए अवसर

    • सीएलएमवी क्षेत्र में भारत का वर्तमान व्यवसाय

      • भारत सीएलएमवी क्षेत्रों के साथ आसियान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत माल और सेवाओं तथा 2001 में हुए ग्रेटर मेकॉन्ग कोऑपरेशन के जरिए व्यवसाय करता है
      • बीते दस साल के दौरान सीएलएमवी देशों के साथ भारत का कारोबार 10 गुना बढ़ा है। यह कारोबार 2004 के 1.1 बिलियन यूएस डॉलर से बढ़कर 2013 में 11.2 बिलियन यूएस डॉलर हो गया है
      • 2013 में 2.6 बिलियन यूएस डॉलर के सरप्लस के साथ व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है। सीएलएमवी देशों में भारत का म्यांमार के साथ व्यापार घाटा है, जो दालों और वन उत्पादों के आयात के कारण है
      • सीएलएमवी देशों में पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्थाओं और संयुक्त उपक्रमों में भारत का अनुमोदित प्रत्यक्ष निवेश वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान 40.9 मिलियन यूएस डॉलर था, जिसमें से 54.9 फीसदी वियतनाम को गया था
    • सीएलएमवी में भारतीय निवेशकों के लिए मुख्य अवसरों की एक झलक

    वियतनाम

    म्यांमार

    कंबोडिया

    लाओ पीडीआर

     

    क्षेत्रवार

    टेक्सटाइल, कृषि प्रसंस्करण, टायर, मध्यम प्रौद्योगिकी उद्योग, दोपहिया वाहन

    टिंबर, खनन (जिप्सम, सीसा, टंगस्टन, माणिक, जेड), कृषि प्रसंस्करण, दोपहिया वाहन

    कपड़ा, कृषि प्रसंस्करण (चावल, रबर, कसावा), टायर, दोपहिया वाहन

    खनन (सोना, कॉपर, जिंक, सीसा)

     

    इंफ्रा

    बिजली उत्पादन, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा

    सड़क, बंदरगाह, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा

    सड़कें, रेलवे, स्वास्थ्य सेवाएं

    बिजली उत्पादन, सड़कें

     

    निवेश जोन

    निन्ह बिन्ह (निन बिन), फु तो, तियान जियांग, क्वांग गेई

    क्याफयु विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), थिलवा एसईजेड (फेज-ll)

    सिहानौकविले एसईजेड, नॉम पेन एसईजेड

    वीआईटीए (वीटा) पार्क

     

 

भारत के लिए वियतनाम में निवेश के अवसर

  • वियतनामः संक्षिप्त विवरण

    • वियतनाम दक्षिणपूर्वी एशिया के केंद्र में स्थित है, जिसकी आबादी करीब 90 मिलियन और क्षेत्रफल करीब 3,31,600 वर्ग किलोमीटर है। यह दुनिया का 13वां सबसे ज्यादा आबादी वादा देश है
    • वियतनाम की राजधानी हनोई है और हो चि मिन्ह देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक केंद्र
    • वियतनाम की सीमा उत्तर में चीन से, पश्चिम में लाओस व कंबोडिया से और पूर्व व दक्षिण में पूर्वी सागर और प्रशांत महासागर से मिलती है
    • जीडीपीः 186 बिलियन यूएस डॉलर (2014)
    • निर्यातः 158 बिलियन यूएस डॉलर (2014)
    • आयातः 178 बिलियन यूएस डॉलर (2014)
    • संप्रभु रेटिंगः बीबी ऋणात्मक (स्टैंडर्ड एंड पूअर्स)
  • वियतनाम में निवेश के फायदे

    ट्रांस पैसिफिक पार्टनरशिप (टीपीपी) करार

    • यह 12 देशों का करार है। इनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, जापान, मेक्सिको और वियतनाम शामिल हैं। दुनिया के कुल व्यापार का 26% इन्हीं अर्थव्यवस्थाओं का है
    • ज्यादातर वस्तुओं पर टैरिफ और नॉन टैरिफ बैरियर नहीं हैं। इससे वियतनाम में निवेश बढ़ेगा
    • टीपीपी से वियतनाम के लिए पूरा अमेरिकी बाजार खुल जाएगा। क्योंकि इस करार से 11,000 तरह के कर हट जाएंगे और मौजूदा टैरिफ लेवल घटकर 12%, 17% और 65% से 5% या 0% हो जाएंगे
    • यार्न-फॉर्वर्ड रूलः यह इस करार का एक अहम नियम है। इसके अंतर्गत टीपीपी सदस्य देशों में बने धागे के किसी टीपीपी सदस्य देश को निर्यात करने पर कोई शुल्क नहीं लगता। जैसे- अमेरिका एक टीपीपी देश और वियतनाम टीपीपी सदस्य है, तो वियतनाम में बने धागे का निर्यात अमेरिका को निःशुल्क होगा
    • यह चीन की तुलना में वियतनाम के आर्थिक हितों की सुरक्षा करने वाला है। इससे वियतनाम को निर्यात बाजार के विस्तार और चीन के साथ प्रतिकूल व्यापार संतुलन को कम करने में भी मदद मिलेगी। वियतनाम गारमेंट और कपड़ों का सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है और वर्तमान में इसका 50 प्रतिशत फैब्रिक चीन से आता है। भारत से निर्यात काफी कम है
    • यहां फैब्रिक विनिर्माण इकाई स्थापित करने के अच्छे अवसर हैं। इससे वियतनाम भी यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे देशों को अच्छे उत्पाद निर्यात कर सकेगा
  • वियतनाम वस्त्र और परिधान उद्योग

    प्रगति की ओर

    क्रमांक खंड संख्या
    1. कॉटन गिनर 4
    2. सिंथेटिक फाइबर उत्पादक 2
    3. स्टैपल यार्न विनिर्माता 96
    4. फिलामेंट यार्न विनिर्माता 5
    5. फैब्रिक निर्माता 497
    6. गारमेंट विनिर्माता 4424
     
      • वियतनाम दुनिया का चौथा सबसे बड़ा गारमेंट निर्यातक है और चीन के बाद अमेरिका को टेक्सटाइन निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।
        • पिछले पांच वर्षों में औसत विकास दर 14.5% रही
        • वियतनाम की 25% श्रमशक्ति औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत
        • उद्योग में 6 लाख टन प्राकृतिक रूई का इस्तेमाल होता है, जिसमें से 99% आयातित होती है और 4 लाख टन फाइबर का इस्तेमाल होता है, जिसमें से 54% आयातित होता है
        • परिधानों (अपैरल) का निर्यात 18 बिलियन यूएस डॉलर
      • उद्योग में 5000 टेक्सटाइल और परिधान उद्यम
        • करीब 5.1 मिलियन चरखी (स्पिंडल) और 10,30,000 रोटर स्थापित, कपास और पॉलिस्टर से 6,80,000 टन धागे का उत्पादन
    • विकास लक्ष्य

      क्र. संकेतक इकाई वर्ष 2015 वर्ष 2020
      1 राजस्व बिलियन यूएस डॉलर 19-21 27-30
      2 निर्यात टर्नओवर बिलियन यूएस डॉलर 18 25
      3 श्रमशक्ति मिलियन आबादी 3.5 4.5
      4 प्रमुख उत्पाद
      - कॉटन फाइबर
      -फाइबर, सिंथेटिक फाइबर
      -सभी प्रकार के फाइबर
      -सभी प्रकार के फैब्रिक
      -सिले हुए उत्पाद
       
      -Tons
      -Tons
      -Tons
      -bn m2
      -bn products
       
      -40,000
      -210,000
      -500,000
      -1.5
      -2.85
       
      -60,000
      -300,000
      -650,000
      -2.0
      -4.0
      5 स्थनीयकरण की दर % 60 70
  • वियतनामः औद्योगिक पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्र

    • देश का 70% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) औद्योगिक पार्क (आईपी) और विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में है, जो देश के कुल औद्योगिक उत्पादन का 40% है
    • 63 प्रांतों में 83,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 295 औद्योगिक पार्क और 15 विशेष आर्थिक क्षेत्र फैले हैं, जिनमें से ज्यादातर दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में हैं। इनसे 2.4 मिलियन लोगों को रोजगार मिला है
    • प्रमुख निवेशक जापान, कोरिया, सिंगापुर, ताईवान और चीन के हैं
  • वियतनामः औद्योगिक पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्र

    मानक दरः 22%; 2016 से सीआईटी दर 20%

    • एफडीआई के लिए सभी प्रांत प्रयासरत
    • हर प्रकार के उद्योगों को सहयोग। तथापि, कुछ प्रांत टेक्सटाइल के लिए चिह्नित विशेष औद्योगिक पार्कों में टेक्सटाइल (डाइंग फैक्ट्रियों) की अनुमति देते हैं
    • 50 से 70 साल तक की लंबी अवधि के लिए भूमि उपलब्ध
    • कामगार (कुशल या अकुशल) उपलब्ध। हालांकि, दक्षिणी वियतनाम में कुशल कामगार ज्यादा हैं। केंद्रीय वियतनाम में अकुशल कामगार ज्यादा हैं। वियतनाम में मजदूर हड़ताल बहुत ज्यादा नहीं हुईं और विदेशी निवेशकों के लिए माहौल कुल मिलाकर अच्छा है। पानी और बिजली की कीमतें पूरे देश में एक हैं। प्रांतों में यदि कहीं अंतर है तो वह जमीन की लीज़ के किराये और कामगारों के मेहनताने में है
    • विदेशी निवेश को आसान बनाने के लिए सभी प्रांतों में एकल निकाय बना हुआ हैs

 

कर और प्रोत्साहन

  • निवेश प्रोत्साहनः कॉर्पोरेट आयकर (सीआईटी)

    अधिमान्य दर क्षेत्रवार नए स्थापित उद्यमों के लिए शर्तें अवधि कर अवकाश
    छूट 50% सीआईटी कटौती
    10% शिक्षा-प्रशिक्षण, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवाएं, संस्कृति, खेल, पर्यावरण क्षेत्र (सामाजिक क्षेत्र) जीवन पर्यंत 4 साल
    • 9 साल (विषम या विशेष रूप से विषम सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों वाले इलाकों में सामाजिक क्षेत्र)
    विशेष रूप से विषम सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों वाले इलाके, आर्थिक क्षेत्र, हाईटेक क्षेत्र, हाईटेक सेक्टर, विज्ञान शोध और प्रौद्योगिकी विकास, राज्य की विशेष रूप से महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं का विकास, सॉफ्टवेयर बनानाe 15 साल 4 साल 9 साल
    20% विषम सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों वाले इलाके 10 साल 2 साल 4 साल
  • लाभांश और पूंजी प्रत्यावर्तन / निवेश प्रोत्साहन

    लाभांश और पूंजी प्रत्यावर्तन

    यदि कोई उद्यम 2016 में परिचालन शुरू करता है और 2017 से लाभ कमाना शुरू करता है तो उसे निम्नलिखित प्रकार से कर चुकाना होगाः वर्ष 2016 – कोई कर नहीं, क्योंकि कोई लाभ नहीं; अगले चार साल (2017 से 2021) तक – कोई कर नहीं; अगले 9 साल (2021-2029) तक 5% कर; अगले एक साल (2030)- 10% कर

    • कर काटे बिना मूल कंपनी को लाभ का पूर्ण प्रत्यावर्तन

    निवेश प्रोत्साहन

    • यदि ऐसे कच्चा माल, माल और अर्द्ध विकसित उत्पादों का आयात किया जाता है, जिनका उत्पादन वियतनाम में नहीं होता है तो परिचालन शुरू करने से पांच साल तक आयात कर पर छूट
    • ऐसी मशीनों या उपकरणों के आयात पर कर में छूट, जो वियतनाम में विनिर्मित नहीं हैं और अचल आस्ति जैसे- मशीनरी, उपकरण, परिवहन के साधन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय से प्रमाणित प्रौद्योगिक, 24 या ज्यादा सीट वाले परिवहन साधन, जलमार्ग परिवहन और निर्माण सामग्री से बने हों

 

वियतनाम में औद्योगिक पार्क / औद्योगिक क्षेत्र / आर्थिक क्षेत्र

  • निन्ह बिन्ह प्रांत – उत्तरी वियतनाम

    कान्ह फू औद्योगिक क्षेत्र / फु सन औद्योगिक क्षेत्र

    • निन्ह बिन्ह सिटी सेंटर से 6 किलोमीटर; रेड रिवर डेल्टा के दक्षिण में स्थित
    • आबादी– 900,000
    • हनोई से 80 किमी; हनोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 120 किमी; सबसे नजदीकी बंदरगाह 120 किमी
    • प्रांत में 7 औद्योगिक पार्क
    • प्रमुख निवेशक - चीन, जापान और दक्षिण कोरिया
    • प्रमुख उद्योग – मैकेनिक्स, ऑटोमोटिव असेंबली, निर्माण सामग्री, खाद उत्पादन, गारमेंट और फुटवेयर
    • भूमि उपलब्धता – कान्ह फु औद्योगिक क्षेत्र में 32 हेक्टेयर और फु सन औद्योगिक क्षेत्र में 72 हेक्टेयर
  • फु थो प्रांत – उत्तरी वियतनाम

    ट्रंग हा औद्योगिक क्षेत्र

    • आबादी– 1.4 मिलियन
    • हनोई से 80 किमी; हनोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 50 किमी; सबसे नजदीकी बंदरगाह 170 किमी; रिवर पोर्ट से 5 किमी
    • प्रांत में 7 औद्योगिक पार्क
    • प्रमुख निवेशक – दक्षिण कोरिया, रूस, स्वीडन, यूके
    • प्रमुख उद्योग – रासायनिक खाद, सीमेंट और निर्माण सामग्री, टेक्सटाइल और गारमेंट, पेय पदार्थ, खनिज प्रसंस्करण आदि
    • ट्रंग हा औद्योगिक क्षेत्र में भूमि उपलब्धता – पहले चरण में 12.73 हेक्टेयर और दूसरे चरण में 73.4 हेक्टेयर
    • भारतीय मौजूदगी – विश्व की सबसे बड़ी भारतीय चाय कंपनी मैकलॉयड रसेल की प्रांत में सात फैक्ट्रियां
  • क्वांग गाई – मध्य वियतनाम

    वीएसआईपी क्वांग गाई

    • आबादी – 1.3 मिलियन
    • दा नांग से 130 किमी; डुंग क्वैट बंदरगाह से 22 किमी
    • मध्य वियतनाम (डुंग क्वैट आर्थिक क्षेत्र) में प्रमुख आर्थिक क्षेत्र में स्थित
    • प्रमुख निवेशक - फिलीपींस, ताईवान, चीन, सिंगापुर
    • प्रमुख उद्योग – फुटवेयर, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण, स्टील का काम आदि
    • इंटिग्रेटेड टाउनशिप और औद्योगिक पार्क में 1,664 हेक्टेयर भूमि 2067 तक की लीज़ के साथ उपलब्ध
  • तियान ग्यांग प्रांत – दक्षिणी वियतनाम

    लॉन्ग झियांग औद्योगिक पार्क

    • आबादी– 1.7 मिलियन
    • मेकॉन्ग डेल्टा क्षेत्र के चलते प्रांत जीडीपी विकास दर में चौथे पायदान पर
    • एचसीएमसी से 70 किमी; एचसीएमसी हवाईअड्डे से 67 किमी; साई गोन बंदरगाह से 77.5 किमी
    • प्रांत में 7 औद्योगिक पार्क
    • प्रमुख निवेशक – चीन, कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, जापान और हांगकांग
    • प्रमुख उद्योग – खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, गारमेंट, लेदर और फुटवेयर, रसायन, मकैनिकल और औद्योगिक, लकड़ी और कागज प्रसंस्करण आदि
    • भूमि उपलब्धता - 182 हेक्टेयर
  • ते निन्ह प्रांत – दक्षिणी वियतनाम

    थान्ह थान्ह कांग ट्रांसएशिया औद्योगिक क्षेत्र

    • एचसीएमसी से 33 किमी; एचसीएमसी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 35 किमी; बंदरगाह से 105 किमी
    • आबादी – 1.1 मिलियन
    • प्रांत में 5 औद्योगिक पार्क
    • प्रमुख निवेशक – चीन, कोरिया, ताईवान, हांगकांग
    • प्रमुख उद्योग – टेक्सटाइल, मकैनिकल उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, एफएमसीजी, आदि
    • भूमि उपलब्धता – फेज़- I में 360 हेक्टेयर और फेज़- II में 400 हेक्टेयर

 

उपयोगी कड़ियाँ

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